>>सर्वोच्च न्यायालय की पंजीयन शाखा ने राहुल गांधी की याचिका में 14 त्रुटियाँ पाईं, जिनमें दस्तावेजों की कमी, नौ याचिकाकर्ताओं के अधूरे प्राधिकरण-पत्र, मल्लिकार्जुन खरगे के पहचान-पत्र की अस्पष्ट प्रति और ₹220 का कम न्यायालय शुल्क शामिल है। त्रुटियाँ दूर होने के बाद ही सुनवाई होगी।
> यह त्रुटि है या कांग्रेस की योजना जिससे वह यह नाटक कर सके की सर्वोच्च न्यायालय में हमारी याचिका सुनी ही नहीं गई और जनता को मूर्ख बनाया जा सके ??


