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भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने सोशल मीडिया कंपनी मेटा (Meta) को अपने एल्गोरिदम (काम करने के तरीके) की समीक्षा करने का निर्देश दिया है। सरकार ने यह सख्त कदम प्लेटफॉर्म पर लगातार बढ़ रहे फर्जी कंटेंट (Fake News), एडिट की गई तस्वीरों (Morphing/Deepfakes) और इनसे सार्वजनिक व्यवस्था व कानून-व्यवस्था (Public Order) पर पड़ रहे बुरे असर को रोकने के लिए उठाया है। इस पूरे मामले को आप आसान भाषा में इन 3 मुख्य बिंदुओं से समझ सकते हैं: मंत्रालय की चिंता: सरकार को डर है कि मेटा (Facebook, Instagram, WhatsApp) का एल्गोरिदम ऐसी भ्रामक और फर्जी चीजों को बढ़ावा दे रहा है, जिससे समाज की शांति भंग हो सकती है। मेटा से मांग: सरकार चाहती है कि मेटा अपने सिस्टम की बारीकी से जांच करे और यह सुनिश्चित करे कि उसका एल्गोरिदम जानबूझकर या अनजाने में ऐसे खतरनाक कंटेंट को और ज्यादा लोगों तक न फैलाए। सख्त निगरानी का संदेश: इस कदम से साफ है कि सरकार अब सोशल मीडिया कंपनियों द्वारा कंटेंट को हैंडल करने (Content Moderation) के तरीकों पर बहुत सख्त हो गई है और कंपनियों को उनकी जिम्मेदारी से भागने नहीं देगी।
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