या देवी सर्वभूतेषु माँ सिद्धिदात्री रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
नवरात्रि के ९वें और अंतिम दिन सभी सिद्धियों की प्रदाता माँ सिद्धिदात्री की आराधना की जाती है।
माँ कमल पर विराजमान हैं और सिंह उनका वाहन है। वे चतुर्भुज (चार भुजाओं वाली) हैं, जिनके दाहिने हाथों में चक्र और गदा तथा बाएं हाथों में शंख और कमल का पुष्प सुशोभित है।
माँ की असीम कृपा से ही भगवान शिव को अष्ट सिद्धियाँ प्राप्त हुईं और वे 'अर्धनारीश्वर' कहलाए। 🙏🔱
🔮 अष्ट सिद्धियाँ: माँ भक्तों को अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशित्व और वशित्व जैसी अलौकिक शक्तियाँ प्रदान करती हैं।
माँ सिद्धिदात्री आप सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और आत्मिक शांति लाएं।
ओम सिद्धिदात्र्यै नमः 🌺🙏🚩
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