श्वेते वृषे समारूढा श्वेताम्बरधरा शुचिः।
महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोददा॥
नवरात्रि के आठवें दिन (महाअष्टमी) को आदि शक्ति के परम शांत और उज्ज्वल स्वरूप मां महागौरी की पूजा की जाती है। मां का यह रूप भक्तों के जीवन से भय, संताप और अज्ञानता को दूर करने वाला है। 🔱
भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए माता पार्वती ने कठिन तपस्या की, जिससे उनका शरीर सांवला हो गया था। जब महादेव ने उन्हें गंगाजल से स्नान कराया, तो उनका स्वरूप बिजली की तरह कांतिमान और श्वेत हो गया, और वे 'महागौरी' कहलाईं।
माता रानी ने अत्यंत सुंदर सफेद रंग के वस्त्र और आभूषण धारण किए हुए हैं, जो पवित्रता और शांति का प्रतीक हैं।
मां महागौरी की चार भुजाएं हैं माता का वाहन वृषभ (बैल) है, जिस पर वे अत्यंत शांत और करुणामयी मुद्रा में विराजमान हैं।
मां का यह रूप अत्यंत सौम्य, कोमल और शांत है, जो भक्तों के मन से हर प्रकार के भय को दूर कर देता है।
मां महागौरी आप सभी के जीवन के सभी कष्टों और पापों का नाश कर सुख, शांति और अटूट समृद्धि प्रदान करें। महाअष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं! 🙏🌸
ॐ देवी महागौर्यै नमः 🌺🙏🚩
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