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या देवी सर्वभू‍तेषु माँ कालरात्रि रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ माँ दुर्गा का सातवाँ स्वरूप—माँ कालरात्रि। 🌑 भय का अंत और निर्भयता का आरंभ: माँ कालरात्रि! 🔱🖤 जब सृष्टि पर अधर्म का अंधकार छाता है, तब आदि-शक्ति माँ कालरात्रि का अवतरण होता है। घने अंधकार जैसा कृष्ण वर्ण, बिखरे केश और अग्नि उगलते तीन नेत्र—माँ का यह स्वरूप बुराई के समूल नाश का प्रतीक है। यह रूप उग्र और भयानक जरूर है, लेकिन अपने भक्तों के लिए माँ सदैव 'शुभंकरी' हैं। स्वयं काल भी जिनके सामने आने से कांपता है, वे माँ कालरात्रि अपने शरणागत बच्चों को 'अभय' और 'वरद' मुद्रा से असीम सुरक्षा का आशीष देती हैं। माँ कालरात्रि हमारे भीतर के अज्ञान और नकारात्मकता का नाश कर हमें असीम साहस, ओज और आत्मबल प्रदान करें। महा सप्तमी की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं! जय माता दी 🙏🚩 ॐ देवी कालरात्र्यै नमः 🙏🚩

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