चित्रकूटधाम–कर्वी महायोजना-2031 को शासन की स्वीकृति, नियोजित शहरी विकास एवं पर्यटन को मिलेगी नई गति
उत्तर प्रदेश शासन द्वारा चित्रकूटधाम–कर्वी महायोजना-2031 को स्वीकृति प्रदान की गई है। यह महायोजना चित्रकूट को आध्यात्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार तथा सुनियोजित एवं सतत शहरी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
**📍 महायोजना-2021 की तुलना में प्रमुख बदलाव**
• व्यावसायिक भू-उपयोग क्षेत्र 56 हेक्टेयर से बढ़ाकर 183 हेक्टेयर किया गया है।
• आवासीय भू-उपयोग क्षेत्र 626 हेक्टेयर से बढ़ाकर 1,534 हेक्टेयर किया गया है।
• प्रमुख मार्गों के आसपास आवश्यकतानुसार कृषि भू-उपयोग में परिवर्तन कर आवासीय एवं व्यावसायिक विकास का प्रावधान किया गया है।
**📍 प्रमुख मार्गों पर नियोजित विकास**
महायोजना में झांसी–कर्वी–प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग-35 (एनएच-35), बेड़ी पुलिया–चित्रकूट (रामघाट/शंख चौराहा) मार्ग, देवांगना मार्ग, बूढ़ा राजापुर मार्ग, पहाड़ी–राजापुर मार्ग, शिवरामपुर–चित्रकूट मार्ग तथा शिवरामपुर–कामदगिरी मार्ग पर नियोजित आवासीय एवं व्यावसायिक विकास और मिश्रित भू-उपयोग की व्यवस्था प्रस्तावित है।
इसके अतिरिक्त, देवांगना मार्ग पर आवासीय टाउनशिप, मल्टीमॉडल हब एवं व्यावसायिक क्षेत्र के विकास तथा बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे लिंक मार्ग को बेड़ी पुलिया/बस स्टेशन तक जोड़ने का प्रस्ताव है, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी।
**📍 आमजन एवं पर्यटन के लिए प्रमुख सुविधाएं**
• नियोजित आवासीय विकास एवं नई टाउनशिप।
• बेहतर सड़क संपर्क, पार्किंग और पर्यटक सुविधाओं का विस्तार।
• हवाई अड्डे एवं एक्सप्रेस-वे से कनेक्टिविटी को बढ़ावा।
• पार्क, हरित पट्टियों एवं पर्यावरण संरक्षण पर जोर।
• पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय रोजगार के अवसरों को प्रोत्साहन।
**चित्रकूटधाम–कर्वी महायोजना-2031** जनपद में सुव्यवस्थित शहरी विस्तार, बेहतर नागरिक सुविधाओं, आध्यात्मिक पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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