एक विचारोत्तेजक आपदा — एक ऐसी विपदा जो इंसान को रुककर सोचने पर मजबूर कर दे। 🇮🇳
वो कंट्रोल करके भगवान बनना चाहता है — उसमें कोई हमदर्दी नहीं है, बस सत्ता की भूख है। क्या हम अपनी सुरक्षा और प्राइवेसी ऐसे इंसान को सौंप सकते हैं? और क्या आम लोगों को आने वाली पीढ़ियों के लिए उनकी प्राइवेसी का फैसला करने का हक होना चाहिए?

