बेंगलुरु के रहने वाले 9 वर्षीय वृषवर्धन शर्मा ने बिना इंटरनेट के चलने वाला 'गीतावर्धन' ऐप और वॉयस-एक्टिवेटेड ऑफलाइन गीता रीडर डिवाइस तैयार किया है। खुद ही पायथन और C+ जैसी प्रोग्रामिंग भाषाएं सीखने वाले वृषवर्धन के इस मुफ्त ऐप में 13 भारतीय भाषाओं में पूरी भगवद्गीता और उनकी अपनी आवाज में हर श्लोक का ऑडियो उपलब्ध है। इसके अलावा, उन्होंने बोलचाल की कन्नड़ सिखाने के लिए 'कन्नड़ वर्धन' टूल भी बनाया है।
13 भाषाओं के जानकार वृषवर्धन ने महज 5 साल की उम्र में पूरी भगवद्गीता और 8 साल की उम्र में पाणिनि की 4,000 सूत्रों वाली 'अष्टाध्यायी' व 'अमरकोश' को याद कर लिया था। उन्होंने 11 भारतीय लिपियों में हाथ से पूरी गीता भी लिखी है।
मार्च 2026 में कांचीपुरम में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उन्होंने 18 से 25 वर्ष के प्रतिभागियों के बीच अष्टाध्यायी कंठपाठ श्रेणी में पहला स्थान हासिल किया था। हाल ही में आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर के साथ उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है।


