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दुनिया ने तकनीक देने से किया था इनकार, ISRO ने खुद बनाए 3 क्रायोजेनिक इंजन!

IIT कार्यक्रम में ISRO प्रमुख डॉ. वी. नारायणन ने बताया कि 1990 के दशक में कुछ देशों ने भारत को क्रायोजेनिक तकनीक देने से इनकार कर दिया था — इसके बाद भारत ने अपने दम पर तीन क्रायोजेनिक प्रणोदन प्रणालियां विकसित कीं। चंद्रयान-3 के साथ चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला भारत चौथा और दक्षिणी ध्रुव के पास उतरने वाला पहला देश बना। SpaDeX मिशन से अंतरिक्ष डॉकिंग में भी दुनिया का चौथा देश है। अब नजरें गगनयान की पहली मानवरहित उड़ान और 2028 में भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (BAS) के पहले मॉड्यूल पर हैं — 2035 तक पूरा स्टेशन तैयार होगा। चंद्रयान-4 से चांद के नमूने पृथ्वी पर लाए जाएंगे। ISRO पर आपको गर्व है? कमेंट में "जय हिंद" लिखें और पोस्ट शेयर करें! #ISRO #Swadeshi #Gaganyaan #Chandrayaan #BharatiyaAntarikshStation #MakeInIndia
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