BharOS' भारत का स्वदेशी मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम
क्या सरकार को निश्चित रूप से BharOS को आम जनता के लिए पेश करना चाहिए, लेकिन एक सुरक्षित और वैकल्पिक 'प्राइवेसी-फर्स्ट' ऑप्शन के रूप में, ताकि जो नागरिक विदेशी कंपनियों को अपना डेटा नहीं देना चाहते, उनके पास एक बेहतरीन भारतीय विकल्प मौजूद हो।
सरकार को क्या रणनीति अपनानी चाहिए?
अगर सरकार इसे आम यूजर्स के लिए लाना चाहती है, तो इसे सीधे थोपने के बजाय इन तरीकों से पेश किया जा सकता है:
शुरुआत सरकारी विभागों से हो:- वर्तमान में भी इसे उन संगठनों में टेस्ट किया जा रहा है जहां गोपनीयता बहुत जरूरी है। पहले इसे सभी सरकारी कर्मचारियों, रक्षा क्षेत्र और बैंकिंग से जुड़े लोगों के लिए अनिवार्य किया जा सकता है।
ओपन सोर्स डाउनलोड का विकल्प: -इसे एक ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर की तरह वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाना चाहिए, ताकि जो टेक-प्रेमी (Tech Enthusiasts) यूजर अपने मौजूदा फोन में इसे इंस्टॉल करना चाहें, वे खुद कर सकें।
सस्ते स्वदेशी फोन्स के साथ पार्टनरशिप: सरकार भारत के घरेलू मोबाइल ब्रांड्स (जैसे लावा या माइक्रोमैक्स) के साथ मिलकर शुरुआती स्तर पर कुछ बजट फ्रेंडली फोन्स में 'BharOS' दे सकती है।

