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पोस्ट का दूसरा भाग

🎵 Music Platform Music के क्षेत्र में JioSaavn एक जाना-पहचाना भारतीय प्लेटफॉर्म है। भारतीय यूजर्स अपनी जरूरत के अनुसार इसका भी उपयोग कर सकते हैं। 🤖 Artificial Intelligence AI के क्षेत्र में Sarvam AI, जो Axonwise Private Limited से जुड़ा भारतीय AI प्रयास है, भारत में AI टेक्नोलॉजी के विकास की दिशा में काम कर रहा है। कंपनी को निवेश और AI क्षेत्र में अपने प्रयासों के कारण इस क्षेत्र में देखा जा सकता है। 🇮🇳 अन्य भारतीय डिजिटल प्लेटफॉर्म इसके अलावा अपनी जरूरत के अनुसार हम JioHotstar, BHIM, Paytm, DigiHot जैसे प्लेटफॉर्म और सेवाओं का भी उपयोग कर सकते हैं। Prasar Bharati का WAVES भी वीडियो शेयरिंग, टीवी और न्यूज़ से जुड़ा भारतीय डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसे हमें देखना चाहिए। Indus Appstore भी भारतीय ऐप इकोसिस्टम की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। हालांकि इसके संचालन और स्वामित्व की पूरी संरचना को समझना जरूरी है; केवल किसी प्लेटफॉर्म को भारतीय कहने से पहले उसकी वास्तविक कंपनी और संरचना की जानकारी देखना चाहिए। 🇮🇳 मेरा उद्देश्य किसी एक प्लेटफॉर्म का प्रचार करना नहीं है मेरा उद्देश्य केवल इतना है कि हम भारतीय होने के नाम पर हर दिन किसी नए ऐप के पीछे न भागें। किसी भी प्लेटफॉर्म को अपनाने से पहले हमें यह देखना चाहिए कि: कंपनी कौन चला रही है? कंपनी का विजन क्या है? प्लेटफॉर्म कितने समय से काम कर रहा है? उसके पास टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर कितना मजबूत है? उसका बिजनेस मॉडल क्या है? फंडिंग और निवेश की स्थिति क्या है? यूजर डेटा और प्राइवेसी की नीति क्या है? क्या कंपनी लंबे समय तक प्लेटफॉर्म को चला सकती है? क्या प्लेटफॉर्म वास्तव में भारत में विकसित टेक्नोलॉजी पर आधारित है? और सबसे महत्वपूर्ण — क्या कंपनी के पास भविष्य के लिए स्पष्ट विजन है? आज बहुत से नए ऐप बाजार में आते हैं। कुछ समय तक उनका प्रचार होता है, फिर कुछ महीनों या वर्षों में वे बंद हो जाते हैं या अपनी दिशा बदल देते हैं। इसलिए केवल आकर्षक नाम, “Made in India” का टैग या सोशल मीडिया पर वायरल प्रचार देखकर किसी प्लेटफॉर्म को भविष्य का बड़ा प्लेटफॉर्म मान लेना सही नहीं है। कुछ प्लेटफॉर्म विदेशी कंपनियों की तकनीक, सॉफ्टवेयर, API या दूसरी सेवाओं पर निर्भर हो सकते हैं। यह अपने आप में गलत नहीं है, लेकिन यदि हमारा उद्देश्य वास्तविक भारतीय डिजिटल इकोसिस्टम को मजबूत करना है तो हमें यह समझना होगा कि प्लेटफॉर्म की वास्तविक तकनीकी और कारोबारी संरचना क्या है। इसी तरह किसी विदेशी कंपनी पर बिना प्रमाण यह आरोप लगाना भी उचित नहीं है कि वह यूजर का डेटा बेचती है, मुझे लगता गूगल जैसे विदेशी प्लेटफार्म से भी खतर नाक है कुछ फर्जी टाइप के स्वदेसी प्लेटफार्म, डाटा बेचती है या प्रयास करती, क्योंकि कमाने का जरिया वही जै स्पैम करती है या फ्रॉड करती है। ऐसे मामलों में आधिकारिक प्राइवेसी पॉलिसी, सुरक्षा व्यवस्था और विश्वसनीय प्रमाणों को देखकर ही निर्णय लेना चाहिए।
Varun Tripathi वर्चस्व@varuntripathi079
🇮🇳 सभी भारतीय बंधुओं से एक निवेदन 🙏 मैं देख रहा हूँ कि हम लोग प्रतिदिन किसी न किसी नए प्लेटफॉर्म का प्रचार-प्रसार करने लगते हैं। मेरा आप सभी से के...

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